
सूचना एवं संचार तकनीकी
सूचना एवं संचार तकनीकी (Information and Communication Technology)
वर्तमान शताब्दी को सूचना एवं संचार तकनीकी के क्षेत्र में क्रांति के युग के नाम | जाना जाता है। सूचना एवं संचार की तकनीकियों ने मानव जीवन को न केवल सरल व सुगम बनाया अपितु कम श्रम में अधिकतम प्रतिफल तथा श्रम शक्ति के समुचित अधिकतम उपयोग का मार्ग प्रशस्त किया है। शिक्षा का क्षेत्र भी सूचना एवं संचार तकनीकी के प्रभाव से अछूता नहीं है। शिक्षा प्रक्रिया के प्रत्येक स्तर व पक्ष में इन तकनीकियों का उपयोग प्रभावशाली तरीके से किया जा रहा है। शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया, दूरस्थ शिक्षा, मुक्त शिक्षा, प्रशिक्षण, कार्यक्रम निर्माण योजना, प्रश्न पत्र निर्माण, प्रमाण पत्र निर्माण, परीक्षा परिणाम व मूल्यांकन प्रक्रिया आदि में इस साधनों का प्रयोग बहुतायत में किया जा रहा है।
सूचना क्रांति के इस युग ने मानव जीवन के प्रत्येक पहलू को प्रभावित किया है। इस सूचना क्रांति ने भविष्य में अनेक चुनौतियों, अवसरों एवं प्रतिस्पर्धाओं का सृजन किया है, जिनके साथ सामंजस्य स्थापित करने के लिए सूचना और संचार तकनीकी या प्रौधिगिकी का अध्ययन करना अनिवार्य हो गया है। सूचना प्रौधिगिकी को कंप्यूटर के नित्य नए विकास ने और अधिक प्रभावी बना दिया है तथा इसे विस्तृत आयाम प्रदान किया है।
सूचना एवं संचार तकनीकी का अर्थ (Meaning of Information and Communication Technology)
सूचना एवं संचार तकनीकी से तात्पर्य उस सूचना सम्प्रेषण तकनीकी से है जिसके माध्यम से सम्प्रेषण कार्य अत्यधिक प्रभावी ढंग से समपन्न किया जाता है। इसका संबंध वैज्ञानिक तकनीकी के ऐसे संसाधनो व साधनों से होता है जिसके माध्यम से त्वरित गति से सूचनाओं का प्रभावी आदान-प्रदान होता है। इसे सामान्य अर्थ में यह कहा जा सकता है कि किसी तथ्य या सूचना को जानना एवं उसे तुरंत उसी रूप में आगे पहुँचाना जिस रूप में वह है, सूचना संचार प्रौधिगिकी कहलाता है।’
इनसाइक्लोपीडिया ब्रिटेनिका के अनुसार- “ एक व्यक्ति या संस्थान से दूसरे व्यक्तियों या संस्थान तक एक बात का पंहुचाना सूचना कहलाता है जबकि संचार का अर्थ है सूचना या अन्य किसी तथ्य का एक स्थान से दसरे स्थान तक गमन ।”
प्रो० पीटर्स का मानना है कि सूचना तकनीकी ज्ञान, कौशल तथा अभिवृति प्रदान करने की एक नवीन तथा उभरती हुई विशिस्ट आवश्यकताओं की पूर्ति करने वाली एक शैक्षिक प्रक्रिया है जिसमें समय और स्थान के आयामों का शिक्षण एवं अधिगम में कोई हस्तक्षेप नहीं होता है। इस तकनीकी के माध्यम से दूरस्थ विद्यार्थियों को भी उत्तम गति से शिक्षा प्रदान की जा सकती है।
सूचना एवं संचार तकनीकी के लक्ष्य (Aims of Information and Communication Technology)
सूचना एवं संचार तकनीकी के शिक्षा के क्षेत्र में निम्नलिखित लक्ष्य है-
• वर्तमान पीढ़ी को प्रभावी ‘साइबर शिक्षा ऐज’ में उचित प्रकार से प्रतिस्थापित करना, जिससे विद्यार्थी अपने स्थान पर ही विभिन्न संचार साधनों व उपकरणों से ऑन लाइन शिक्षा प्राप्त कर सकें।
• पारंपरिक पुस्तकालयों के स्थान पर संचार तकनीकी पर आधारित डिजिटल पुस्तकालयों की
स्थापना करना।
• शिक्षा एवं अनुसंधान जनित विषय सामग्री को जन-जन तक सुलभ संचार करना, हस्तांतरण करना तथा प्रभावी पंहुच बनाना।
• शिक्षा, कृषि, व्यापार, स्वास्थ्य आदि महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सूचनाओं का राष्ट्रीय डाटाबेस बनाना।
आईसीटी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों तथा महाविद्यालयों में एक अनुकूल माहौल उत्पन्न करना। इसके लिए उपयोग उपकरणों का वृहद स्तर पर उपलब्धता, इंटरनेट कनेक्टिविटी और आईसीटी साक्षरता को बढ़ावा देना।
• निजी क्षेत्र व स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशनल टेक्नोलॉजी के माध्यम से अच्छी सूचनाओं की ऑनलाइन उपलब्धता सुनिश्चित करना।
• शिक्षण व प्रशिक्षण के लिए वर्तमान पाठ्यक्रम व शिक्षणशास्त्र के संवर्द्धन के लिए सूचना व
संचार प्रौद्योगिकी उपकरणों का उपयोग करना।
• उच्च अध्ययन और लाभकारी रोजगार के लिए जरूरी सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी कुशलता प्राप्त करने में विद्यार्थियों को सक्षम बनाना।
सूचना व संचार प्रौद्योगिकी के माध्यम से शारीरिक व मानसिक रूप से विकलांग छात्र छात्राओं के लिए प्रभावी शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना। आत्म-ज्ञान का विकास कर छात्रों में महत्वपूर्ण सोच और विश्लेषणात्मक कौशल को बढावा देना। यह कक्षा को शिक्षक केंद्रित स्थल से बदलकर विद्यार्थी केंद्रित शिक्षण केन्द्र में बदल देगा।
• दूरस्थ शिक्षा एवं रोजगार प्रदान करने के लिए दृश्य-श्रव्य एवं उपग्रह आधारित उपकरणों के माध्यम से सूचना व संचार प्रौद्योगिकी के प्रयोग को बढ़ावा देना।
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