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बुलेटिन बोर्ड पर टिप्पणी | बुलेटिन बोर्ड का प्रयोग | बुलेटिन बोर्ड के लाभ | Bulletin Board in Hindi

बुलेटिन बोर्ड पर टिप्पणी
बुलेटिन बोर्ड पर टिप्पणी

बुलेटिन बोर्ड पर टिप्पणी लिखिये।

बुलेटिन बोर्ड ( Bulletin Board ):- विद्यार्थियों में लेखन और चित्रात्मक दृश्य सामग्री का प्रदर्शन करने के लिए बुलेटिन बोर्ड काम में लाया जाने वाला एक सुलभ साधन है। यह विद्यालय का सूचना केन्द्र होता है। यह एक प्रदर्शन पट्ट होता है जो मुख्यतः बुलेटिन, विज्ञप्तियों, समाचारों, विद्यालय की कक्षा, शिक्षण तथा अन्य गतिविधियों की सूचना देने के लिए काम मे लाया जाता है। अर्थाभाव के कारण भारत में अनेक विद्यालयों में बुलेटिन बोर्ड की सुविधा उपलब्ध नहीं है। बुलेटिन बोर्ड पर शिक्षण समाचार पत्र और पत्रिकाओं की कटिंग, मानचित्र, नवीन प्रकाशित पुस्तक का टाईटन पेज, पोस्टर इत्यादि को विद्यार्थियों के ज्ञान में वृद्धि करने के लिए दीवार पर लगा सकते है। इस पर ड्राईंग पिन की सहायता से सामग्री का प्रदर्शन किया जा सकता है। बुलेटिन बोर्ड को विद्यालय की निरन्तर पत्रिका भी माना जा सकता है। यह पूर्ण रूप से विद्यार्थियों के रचनात्मक प्रयत्नो का परिणाम होता है। सामान्य बुलेटिन बोर्ड को ऑफिस, पुस्कालय और प्रयोगशाला आदि की दीवारो पर स्थापित किया जाता है। इसके निर्माण के लिए प्राय: लकड़ी और प्लाईवुड इत्यादि से बने उपयुक्त फ्रेमों का इस्तेमाल किया जाता है, फिर लकड़ी और प्लाईवुड की शीट पर मुलायम पदार्थ जैसे- सोफ्ट वुड, कार्क मैटिरियल आदि की शीट लगाई जाती है जिसमें पिन वगैरह अच्छी तरह से लग सकती है। इसके ऊपर गहरे रंग का कोई मोटा कपड़ा लगा देते है, जो प्रदर्शित सामग्री को उपयुक्त धरातल देने का कार्य करता है। अंत में इस पर जालीयुक्त फ्रेम लगाकर बन्द कर देते है।

बुलेटिन बोर्ड का प्रयोग (Use of Bulletin Board )

(1) बुलेटिन बोर्ड की व्यवस्था का उत्तरदायित्व अनुभवी व उत्साही अध्यापक को सौपना चाहिए।

(2) प्रदर्शित की जाने वाली सामग्री अधिक नही होनी चाहिए।

(3) विशेष शैक्षिक उद्देश्य की ही सूचना प्रदर्शित की जानी चाहिए।

(4) प्रदर्शित की जाने वाली समग्री को स्वच्छता, व्यवस्था व क्रम से लगाना चाहिए।

(5) प्रदर्शित की जाने वाली सामग्री ऐसी हो जो विद्यार्थियों द्वारा अच्छी तरह देखी व समझी जा सके।

(6) विद्यार्थियों की बनाई हुई संग्रहित सामग्री के प्रदर्शन को इसमें अधिक महत्व देना चाहिए।

(7) प्रदर्शित की हुई सामग्री को उपयुक्त शीर्षक देकर अलग-अलग बुलेटिन बोर्डो पर विभाजित कर देना चाहिए।

(8) विद्यार्थियों को निर्देश देने चाहिए कि वे स्वयं किसी सामग्री का प्रदर्शन न करे व प्रदर्शित सामग्री को खराब न करे ।

(9) प्रदर्शित की हुई सामग्री को लगातार बदलते रहना चाहिए।

(10) रूचि बढ़ाने और ध्यान आकर्षित व केन्द्रित करने के लिए नवीनतम सूचनाओं और गतिविधियों का विवरण ही बुलेटिन बोर्ड पर देना चाहिए।

बुलेटिन बोर्ड के लाभ (Advantages of Bulletin Board )

बुलेटिन बोर्ड के निम्नलिखित लाभ है-

(i) बुलेटिन बोर्ड पर लगे चित्रों को देखकर विद्यार्थियों में जिज्ञासा उत्पन्न होती है जिससे उनमें स्वयं कुछ करने की इच्छा पैदा होती है।

(ii) यह विद्यार्थियों की प्रतिभा को आगे लाने के अवसर प्रदान करता है।

(iii) यह विद्यार्थियों के ज्ञान एंव बोध स्तर को ऊँचा उठाने में सहायक होता है।

(iv) बुलेटिन बोर्ड विद्यालय में उपयुक्त वातावरण पैदा करता है।

(v) विद्यार्थियों के प्रोत्साहन के लिए पुरस्कृत विद्यार्थियों के फोटो लगाकर व सुन्दर प्रदर्शित सामग्री द्वारा इसे आकर्षक बनाया जा सकता है।

(vi) बुलेटिन बोर्ड के लिए विद्यार्थियों द्वारा बनाये गये चित्र अथवा लिखी हुई कविता, लेख जैसी मौलिक कृतियों को मूर्तरूप प्रदान किया जा सकता है।

(vii) कुछ विषया ऐसे होते है जिन्हें आसानी से कक्षा में नहीं लाया जा सकता है, जैसे जनसंख्या वृद्धि इत्यादि। बुलेटिन बोर्ड के द्वारा अध्यापक इन विषयों को विद्यार्थियों को  सरलता से समझा सकता है।

(viii) बुलेटिन बोर्ड की सामग्री को विद्यार्थी सामूहिक रूप से तैयार करते है जिससे सहयोग की भावना का विकास होता है।

(ix) बुलेटिन बोर्ड के माध्यम से विषय वस्तु को शीघ्र समझाया जा सकता है जिससे समय की बचत होती है।

(x) इससे विद्यार्थियों को रचनात्मक कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।

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